
(ब्रह्मास्त्र विद्या)
विश्वसनीय वैदिक सेवा (माँ बगलामुखी के अनुष्ठान और पूजा के लाभ):
माँ बगलामुखी की कृपा व शत्रुओ के समन तथा नकारात्मक ऊर्जा संधर हेड
यह प्रयोग विशेष रूप से राजनीति, उच्च प्रशासनिक पदों और बड़े व्यापारिक क्षेत्रों में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए कराया जाता है। माँ बगलामुखी का राजसी प्रयोग जातक को समाज में अभूतपूर्व वर्चस्व, चुनाव में विजय, राजकीय कार्यों में सफलता और राजकीय ऐश्वर्य प्रदान करता है। यह विरोधियों के चक्रव्यूह को भेदकर जातक की कीर्ति बढ़ाता है।
यह प्रयोग शत्रुओं की गतिविधियों को रोकने या किसी विपरीत स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसका लाभ यह है कि यह आपके विरुद्ध हो रहे षड्यंत्रों को निष्क्रिय कर देता है।
यह प्रयोग नकारात्मक शक्तियों या शत्रुओं के बीच आपसी मतभेद उत्पन्न करने के लिए किया जाता है, ताकि वे आपको हानि न पहुँचा सकें। इससे आत्मरक्षा में सहायता मिलती है।
यह प्रयोग आर्थिक समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि हेतु किया जाता है। इसका लाभ व्यापार में सफलता और घर में सुख-समृद्धि का आगमन है।
यह प्रयोग शारीरिक शक्ति, ऊर्जा और साहस की वृद्धि के लिए किया जाता है। इसका लाभ स्वास्थ्य में सुधार और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने की शक्ति देना है।
यह प्रयोग व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने और लोगों का विश्वास जीतने के लिए किया जाता है। इसका लाभ सामाजिक संबंधों में सुधार और सफलता की प्राप्ति है।
यह प्रयोग नकारात्मक प्रभावों और बाधाओं को जीवन से हटाने के लिए किया जाता है। इसका लाभ मानसिक शांति और विघ्न-बाधाओं का निवारण है।
यह प्रयोग शत्रुओं पर पूर्ण विजय पाने के लिए किया जाता है। इसका लाभ सभी प्रकार के अदालती मामलों और गुप्त शत्रुओं से मुक्ति दिलाना है।
यह प्रयोग संबंधों में मधुरता लाने और बिगड़े हुए रिश्तों को सुधारने के लिए किया जाता है। इसका लाभ अपनों का स्नेह प्राप्त करना और सामंजस्य बनाए रखना है।
यह प्रयोग हर प्रकार के अनिष्ट और बुरी नजर से रक्षा के लिए किया जाता है। इसका लाभ एक सुरक्षा कवच की भाँति है जो साधक की सदैव रक्षा करता है।
यह प्रयोग वाक शक्ति में वृद्धि और विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेने हेतु किया जाता है। इसका लाभ आपके वचनों में प्रभाव और ओजस्विता लाना है।
यह प्रयोग मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु किया जाता है। इसका लाभ किसी विशिष्ट कार्य की सिद्धि और लक्ष्यों को समय पर पूरा करना है।
यह प्रयोग कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने और सफलता प्राप्ति के लिए किया जाता है। इसका लाभ विघ्नहर्ता का आशीर्वाद और कार्यों में शीघ्रता है।
यह प्रयोग भय और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति के लिए किया जाता है। इसका लाभ मानसिक दृढ़ता और निर्भयता की प्राप्ति है।
यह प्रयोग धन के स्रोतों को खोलने और आर्थिक स्थिरता के लिए किया जाता है। इसका लाभ अचानक धन प्राप्ति और वित्तीय समस्याओं का समाधान है।
यह प्रयोग आध्यात्मिक उन्नति और संतुलन के लिए किया जाता है। इसका लाभ जीवन में मानसिक शांति, आरोग्यता और शिव-शक्ति का आशीर्वाद है।
गिर्राज दीक्षित जी (धर्मसंघ) का साधना पक्ष अत्यंत प्रभावशाली और शास्त्रीय है। उनके पूज्य गुरुदेव श्री ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज (समर्थ श्री) के सान्निध्य में उनका साधना पथ प्रगाढ़ हुआ है।
उनके पूज्य गुरुदेव श्री ब्रह्मानंद सरस्वती जी महाराज (समर्थ श्री) की प्रेरणा से और जगतजननी माँ की कृपा पाकर गुरुजी माँ की उपासना और साधना करते रहे। इन्होंने दस महाविद्याओं के अनेक प्रयोग किए हैं।
गुरुजी ने माँ बगलामुखी (अष्टम महाविद्या) के अनेक शास्त्रोक्त प्रयोग किए और ....